Shayari Sangrah
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मेरे नजर का बस कुसूर इतना था वो जिधर जा रही थी ये उधर जा रही थी एक पल के लिए उसके हुस्नो अदा से ना हट पा रही थी
दर्द शायरी
जिंदगी की तलाश में सब कुछ खो चुका हूं झूठे प्यार ने ख्वाबों की महफिल बर्बाद कर दिया जो आंख बंद करके भरोसा किया उसी का नतीजा है अब दर्द दिल का सह पाना मुश्किल हो गया है