सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Hindi shayari in Hindi, 2 line love shero shayari

Shayari Sangrah 

सच में मोहब्बत हो गई है-shayari sangrah

सच में मोहब्बत हो गई है मुलाकात करने को बेकरार रहने लगा हूं तुम्हारी तरफ धीरे-धीरे आकर्षित हो गया हूं बेतहाशा प्यार करने लगा हूं

तुम्हें भी मोहब्बत है यह पुख्ता करो मेरे बेहिसाब चाहतों का हिसाब चुकता करो सिर्फ तुम अधूरी ख्वाहिशों को पूरा कर सकती हो

सच के शरीयत में सही ईमान रखता हूं चेहरे पर मुस्कान रखता हूं उदारता देखकर हर बला मेरा रास्ता छोड़ देती है

हकीकत की दहलीज पर कायम हो गया हूं हर मन में खुशियों का संचार करने में नायक हो गया हूं

साहस के बगैर ख्वाहिशे अधूरी रह जाएगी मंजिल प्राप्त करने के लिए सही दिशा में धैर्य से आगे बढ़ते रहो सफलता मिल जाएगी

जबसे मोहब्बत हो गई है खुशियों का अफसाना हो गया है ख्वाबों खयालों में खोया रहता हूं इश्क में दिल दीवाना हो गया है

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Hindi shayari 2 line, Hindi shayari on love

हिंदी शायरी संग्रह, लव शायरी  वो मुझे आजकल सताने लगे हैं मेरी मोहब्बत को आजमाने लगे हैं कुछ पल का ए रिश्ता नहीं है दिल से दिल के एहसासों को जोड़ने में मुझे जमाने लगे हैं Shero shayari  एक दूजे का साथ निभाएंगे अपनी दोस्ती को कभी टूटने नहीं देंगे चाहे परिस्थितियों जैसी भी हो सभी मुश्किलों से निकलने का नया तरीका आजमाएंगे Love shayari  Love shayari  Love shayari 

मेरी खामोशी सवाल पूछेगी | Love shayari

मेरी खामोशी सवाल पूछेगी पछेगी कहां गए वो प्यार के हसीन लम्हे हिसाब पूछेगी शायद तुम्हारे पास कोई जवाब नहीं होगा निगाहें तन्हाई भरे मंजर में खुशियों का मुकाम ढूंढेंगी  दिल की गलियारों में कोई तूफान नहीं है टूटे हैं हर ख्वाब कोई अरमान नहीं है जिसे बेहद अपना समझा वो गद्दार निकल गए किसी से कुछ पाने की अब मेरे चेहरे पर मुस्कान नहीं है मैं खुशियों की तलाश में रह गया एक बेवफा के प्यार में रह गया अपने दिल के जख्म दिखाऊं किसी से तो तौहीन होती है आजकल मुझे यकीन होता नहीं है इतना दर्द कैसे सह गया

शायरी इन हिंदी

Love shayari in Hindi | Hindi shayari | shayari Sangrah  उसकी ख्वाबों खयालों में डूबा रहता हूं अकेले में बात करने की आदत हो गई है अब इसमें कोई शक नहीं रह गया है कि मुझे मोहब्बत हो गई है जो इतना बेहद बेशुमार चाहोगी मैं बहक जाऊंगा खुद से कंट्रोल हट जाएगा और मैं रास्ता भटक जाऊंगा बातों बातों में मन का करार लूट लेती हो मुझे अपना बनाने का भरपूर छूट देती हो धीरे धीरे नजदिकियां बढ़ने लगी है हर ख्वाब हकीकत में बदलने लगे हैं उसकी हर अदा में अपनापन नजर आने लगा है मुझ पर मोहब्बत का खुमार छाने लगा है अब अकेले गुजारा हो नहीं सकता आजकल हर मंजर से ऐसा एहसास आने लगा है